समकालीन क्षणिका ब्लॉग अंक-03 /264 जनवरी 2023
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02. अविराम क्षणिका विमर्श {क्षणिका विमर्श}
रविवार : 22.01.2023
‘समकालीन क्षणिका’ के दोनों मुद्रित अंकों के बाद चयनित क्षणिकाएँ। भविष्य में प्रकाशित होने वाले अंक में क्षणिकाओं का चयन इन्हीं में से किया जायेगा।
सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!
चक्रधर शुक्ल
01.
जिन्दगी
समायोजन करना
सिखलाती,
जो नहीं करते
उनकी जिन्दगी
हाँफ-हाँफ जाती!
02. अवसर
रंग डालने का
इससे अच्छा अवसर
रेखाचित्र : डॉ. सुरेंद्र वर्मा
कभी नहीं आता
होली में
जो भी आता
गाल लाल कर जाता!
03.
लालसा ने
ऐसा खेल रचा,
स्वयं फसा!
- एल.आई.जी.-1, सिंगल स्टोरी, बर्रा-6, कानपुर-208027(उ.प्र)/ मो. 09455511337




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