Saturday, September 3, 2016

प्रथम खण्ड के क्षणिकाकार-03

समकालीन क्षणिका             खण्ड-01                  अप्रैल 2016

रविवार  :  04.09.2016 
क्षणिका की लघु पत्रिका ‘समकालीन क्षणिका’  के खण्ड अप्रैल 2016 में प्रकाशित राजेश उत्साही जी की क्षणिकाएँ। 


राजेश उत्साही




01. दुनिया
हर सुबह
दुनिया कदमों तले होती है
शाम होते होते
रेखाचित्र  : पारस दासोत 
कमबख्त 
कंधों पर सवार हो जाती है।

02.
देश में 
बेरोजगारी खत्म होने वाली है  
ख्याली पुलाव पकाने का 
धंधा आजकल जोरों पर है।

  • Editor (Hindi), Teachers of India Portal, ETD, University Resource Centar, Azim Premji University, Pixel park, A-Block, 7th Floor, PESSE Campus, Electronics City, Hosur Road (Beside NICE Road), BANGLORE 560100 (Karnatak) / Mob. 09731788446

2 comments:

  1. Well you have presented the concept of life and seeking jobs
    Thanking you

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  2. Well you have presented the concept of life and seeking jobs
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