समकालीन क्षणिका खण्ड-01 अप्रैल 2016
क्षणिका की लघु पत्रिका ‘समकालीन क्षणिका’ के खण्ड अप्रैल 2016 में प्रकाशित श्री शिबराज प्रधान जी की क्षणिकाएँ।
शिबराज प्रधान
01.
प्रथम पुरुष- हाजिर!
द्वितीय पुरुष- हाजिर!
तृतीय पुरुष- हाजिर!
चतुर्थ पुरुष- ‘मैं’
रोबोट जोरों से चिल्लाया!
सृजन का नया जिह्वा फूट पड़ा!
02.
बहुत सारी कहानियाँ,
उपन्यास लिखे गये
बहुत सारी गजलें,
कवितायें लिखी गयीं,
हाँ, निश्चित तौर पर,
इन्सान को इन्सान कहने के लिये!
बहुत सारे आदमी पैदा हुए!!
शिबराज प्रधान
01.
प्रथम पुरुष- हाजिर!
द्वितीय पुरुष- हाजिर!
तृतीय पुरुष- हाजिर!
चतुर्थ पुरुष- ‘मैं’
रोबोट जोरों से चिल्लाया!
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छाया चित्र : उमेश महादोषी |
02.
बहुत सारी कहानियाँ,
उपन्यास लिखे गये
बहुत सारी गजलें,
कवितायें लिखी गयीं,
हाँ, निश्चित तौर पर,
इन्सान को इन्सान कहने के लिये!
बहुत सारे आदमी पैदा हुए!!
- दुम्सिपाड़ा चा बगीचा, पो. रामझोडा,-735228, जिला जलपाइगुडी, (प. बं.)/मोबा. 09734042876
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