Sunday, April 2, 2017

प्रथम खण्ड के क्षणिकाकार-48

समकालीन क्षणिका             खण्ड-01                  अप्रैल 2016



रविवार  :  02.04.2017

क्षणिका की लघु पत्रिका ‘समकालीन क्षणिका’ के खण्ड अप्रैल 2016 में प्रकाशित सूर्यनारायण गुप्त ‘सूर्य’
जी की क्षणिकाएँ।



सूर्यनारायण गुप्त ‘सूर्य’




01. कुर्सी 
लूट/हत्या
फरेब/बलात्कार
चार दाँव हैं
कुर्सी!/तेेरे-
चार पाँव हैं।

02. जीवन दर्शन
आह
वाह
चाह
जीवन का
प्रवाह!
  • ग्राम व पोस्ट- पथरहट, गौरी बाजार, जनपद- देवरिया (उ.प्र.)/मोबा. 09450234855 

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