समकालीन क्षणिका ब्लॉग अंक-03 /239 जुलाई 2022
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02. अविराम क्षणिका विमर्श {क्षणिका विमर्श}
रविवार : 31.07.2022
‘समकालीन क्षणिका’ के दोनों मुद्रित अंकों के बाद चयनित क्षणिकाएँ। भविष्य में प्रकाशित होने वाले अंक में क्षणिकाओं का चयन इन्हीं में से किया जायेगा।
सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!
चक्रधर शुक्ल
01. दुर्गुण
दुर्गुण
उसे फुटपाथ पर ले आया
फुटपाथ से उठा था
फुटपाथ पर आया।
02. धुंध
वातावरण में
अजीब धुंध छायी है
जिंदगी
हिंसा, अपहरण, लूटमार से
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रेखाचित्र : बी. मोहन नेगी |
घबरायी है।
03. दुविधा
पौधों के गमलों में
चीटियों का घरौंदा
पानी डालूँ या न डालूँ
मन में दुविधा
किसको दूँ सुविधा!
- एल.आई.जी.-1, सिंगल स्टोरी, बर्रा-6, कानपुर-208027(उ.प्र)/ मोबाइल: 09455511337