Sunday, July 28, 2024

क्षणिका चयन-01 : मुद्रित अंक 01 व 02 के बाद

समकालीन क्षणिका              ब्लॉग अंक-03/343                जुलाई 2024 

क्षणिका विषयक आलेखों एवं विमर्श के लिए इन लिंक पर क्लिक करें-

01. समकालीन क्षणिका विमर्श {क्षणिका विमर्श}
02. अविराम क्षणिका विमर्श {क्षणिका विमर्श}

रविवार  : 28.07.2024
‘समकालीन क्षणिका’ के दोनों मुद्रित अंकों के बाद चयनित क्षणिकाएँ। भविष्य में प्रकाशित होने वाले अंक में क्षणिकाओं का चयन इन्हीं में से किया जायेगा।

सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!  


नरेश कुमार उदास





01.


प्रेम 

न देखे

रंग-रूप

प्रेम 

न देखे 

जात-पात

प्रेम में है

यही विशिष्ट बात!


02.


औरत की जिंदगी

रेखाचित्र : बी मोहन  नेगी 
बदलने के लिए

दुनिया बेताब है

फिर भी 

नहीं बदली है

अभी तक

औरत की दुनिया!

  • अकाश-कविता निवास, लक्ष्मीपुरम, सै. बी-1, पो. बनतलाब, जि.  जम्मू-181123 (ज-क)/मो. 09419768718 

Sunday, July 21, 2024

क्षणिका चयन-01 : मुद्रित अंक 01 व 02 के बाद

समकालीन क्षणिका              ब्लॉग अंक-03/342                जुलाई 2024 

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रविवार  : 21.07.2024
‘समकालीन क्षणिका’ के दोनों मुद्रित अंकों के बाद चयनित क्षणिकाएँ। भविष्य में प्रकाशित होने वाले अंक में क्षणिकाओं का चयन इन्हीं में से किया जायेगा।

सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!  



केशव शरण





01. बयान


एक आदमी 

बयान देता है

और सब देने लगते हैं बयान


एक आदमी 

बलिदान देता है

और चुप हो जाते हैं सब


02. चार दिन और


चार दिन और

चिड़ियों को निहार लो

वे क्या कह रही हैं

रेखाचित्र : प्रीति अग्रवाल 
कॉपी में उतार लो

फूलों और पेड़ों के चित्र

चित्त में संवार लो


चार दिन और

फिर रेगिस्तान में बहार लो

  • एस 2/564 सिकरौल वाराणसी-221002/मो. 09415295137

Sunday, July 14, 2024

क्षणिका चयन-01 : मुद्रित अंक 01 व 02 के बाद

समकालीन क्षणिका              ब्लॉग अंक-03/341                जुलाई 2024 

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रविवार  : 14.07.2024
‘समकालीन क्षणिका’ के दोनों मुद्रित अंकों के बाद चयनित क्षणिकाएँ। भविष्य में प्रकाशित होने वाले अंक में क्षणिकाओं का चयन इन्हीं में से किया जायेगा।

सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!  



चक्रधर शुक्ल




01.


जिन्दगी से

खिलवाड़ करना जारी,

युद्ध की विभीषिका सामने है

आगे

परमाणु बम की तैयारी!


02.

रेखाचित्र : कमलेश चौरसिया 


जंग

एक झटके में 

कितनों को लील जाएगी,

गुस्सा ठंठा पड़ने केबाद

आपको यह बात

तब समझ में आएगी!

  • एल.आई.जी.-1, सिंगल स्टोरी, बर्रा-6, कानपुर-208027(उ.प्र)/ मो. 09455511337

Sunday, July 7, 2024

क्षणिका चयन-01 : मुद्रित अंक 01 व 02 के बाद

समकालीन क्षणिका              ब्लॉग अंक-03/340                जुलाई 2024 

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रविवार  : 07.07.2024
‘समकालीन क्षणिका’ के दोनों मुद्रित अंकों के बाद चयनित क्षणिकाएँ। भविष्य में प्रकाशित होने वाले अंक में क्षणिकाओं का चयन इन्हीं में से किया जायेगा।

सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!  



परमेश्वर गोयल





01.


व्यंग्य 

बन्दूक नहीं 

अलार्म घड़ी है,

कहता है जागो 

विषम घड़ी है! 


02.

चित्र : प्रीति अग्रवाल 

हाथ बेटी के 

पीले करने में 

स्वयं सफेद हो गया,

मकान पुरखों का 

देखते-देखते खो गया!

  • गुलाब बाग, पूर्णिया- 854326, बिहार