समकालीन क्षणिका ब्लॉग अंक-03/334 मई 2024
सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!
परमेश्वर गोयल
01.01.
ऐसी व्यवस्था में
हम जी रहे हैं,
दूध बेचकर
चाय पी रहे हैं!
02.
भेड़िया
भेड़ की
बोली बोलता है,
चुनाव सबकी
पोल खोलता है!
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रेखाचित्र : के के अजनबी |
प्रतिष्ठा बहू की
दहेज से जुड़ी है,
वह अच्छी है
या बुरी
किसको पड़ी है!
- गुलाब बाग, पूर्णिया- 854326, बिहार