समकालीन क्षणिका ब्लॉग अंक-03/295 अगस्त 2023
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02. अविराम क्षणिका विमर्श {क्षणिका विमर्श}
रविवार : 27.08.2023
‘समकालीन क्षणिका’ के दोनों मुद्रित अंकों के बाद चयनित क्षणिकाएँ। भविष्य में प्रकाशित होने वाले अंक में क्षणिकाओं का चयन इन्हीं में से किया जायेगा।
सभी रचनाकार मित्रों से अनुरोध है कि क्षणिका सृजन के साथ अच्छी क्षणिकाओं और क्षणिका पर आलेखों का अध्ययन भी करें और स्वयं समझें कि आपकी क्षणिकाओं की प्रस्तुति हल्की तो नहीं जा रही है!
रमेश कुमार भद्रावले
01. पछतावा
लहू के कतरों से
जो बीज
शहीद बो गये,
आजादी की फसल
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छायाचित्र : उमेश महादोषी |
चिड़िया नहीं,
नेता चुग गये!
02. शुभारम्भ
जब कोई अच्छा
नया होटल खुलता
सारा शहर
खुश हो जाता,
बाद में
होटल वही
शहर में
दस अस्पताल खुलवाता!
- गणेश चौक, हरदा, म.प्र./मो. 09926482831